मेरी आरजू भी तू
रात के अँधेरे में
रौशनी की किरण भी तू
तेरे बिन कहाँ में
मेरे बिन कहाँ तू
मेरी हसरत भी तू
मेरी ज़ुस्तज़ू भी तू
तू मेरा हमसफ़र है
तेरे बिन अधूरी हूँ में और
मेरी हसरत भी तू
मेरी ज़ुस्तज़ू भी तू
तू मेरा हमसफ़र है
तेरे बिन अधूरी हूँ में और
मेरे बिन अधूरा है तू
जीवन की हर राह पर
साथ निभाया है तूने
राह भी तू और मंजिल भी तू
तेरे बिन कहाँ में
राह भी तू और मंजिल भी तू
तेरे बिन कहाँ में
मेरे बिन कहाँ तू
परेशां भी तुझसे
पर खुशियों की खनखनाहट भी तू
मेरी हंसी की खिलखिलाहट भी तू
ज़िंदगी है तुझसे
जीने की वजह भी तू
जीने की वजह भी तू
तेरे बिन कहाँ में
मेरे बिन कहाँ तू
तुझमे हूँ में और मुझमे है तू
तेरे बिन कहाँ में
मेरे बिन कहाँ तू
शालिनी गुप्ता
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