मेरा आशियां

छोटा सा आशियां है मेरा
जिसे मैने बनाया हैं
रंग भरे है सपनों के उसमें
उसे अपना ज़हाँ बनाया है

छोटी सी दुनिया है मेरी
जिसमे मेरे अपने रहते हैं
में चाहती हूँ उन्हें
वो भी जी जां से मुझे चाहते हैं

लबों पर मुस्कुराहट रहती है
दिल में सुकूं रहता है
अपने इस आशियां में
जिसे बनाने में अपना 
दिल और जान लगाया है
प्यार का रंग है
विश्वास की रोशनी उसमे
जिसे अपना जहाँ बनाया है

एक छोटा सा आशियां मेरा
जिसमें हर ख्वाब अपना सच पाया है
ज़िंदगी यहीं बीतादी अपनी
और ज़िंदगी को खूबसूरत बनाया है


छोटा सा आशियां है मेरा
जिसमें मैंने सब कुछ पाया है
एक छोटा सा जहाँ
जिसे अपना बनाया है

शालिनी गुप्ता








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