मुझ पर ही खत्म होती है
तेरी ज़िंदगी मुझसे शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होती है
तेरी हर धड़कन मुझसे शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होती है
तेरी हर राह मुझसे शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होती है
ये प्यार की हद है तेरी
जो मुझ से शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होती है
तेरे प्यार के नग्में
मुझ से शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होते हैं
और क्या कहूं ए मेरे हमसफ़र
तेरी हर तकरार
और उसके बाद
तेरी वो मान लेना
मेरी खातिर हार
मुझ से शुरू होकर
मुझ पर ही खत्म होती है
ज़िंदगी तेरे साथ शुरू की
और तेरे साथ ही खूबसूरत
और हंसीं होती है
तेरे साथ ही शुरू होकर ज़िंदगी
तुझ पर ही ख़त्म होती है
तेरे साथ ही शुरू होकर ज़िंदगी
तुझ पर ही ख़त्म होती है
शालिनी गुप्ता
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